April 16, 2026

Jaya Kishori: ‘समय खराब करने वालों से छात्र बनाएं दूरी’, जया किशोरी ने दिए सफलता के ये टिप्स

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Updated Thu, 16 Apr 2026,

कंप्टीशन यह है कि मुझे खुद में आज से कल बेहतर बनना है। इसलिए कभी दूसरों से खुद की तुलना नहीं करनी चाहिए। हमें खुद कैसे सफल होना है, इसके बारे में सोचना चाहिए और मेहनत से आगे बढ़ना चाहिए। क्योंकि मेहनत करने से ही जीवन में सारी चीजें मिलती हैं, बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता। जीवन में सफल होने के यह मंत्र बुधवार को आध्यात्मिक वक्ता और कथावाचक जया किशोरी ने गलगोटिया विश्वविद्यालय में युवाओं को दिए।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को विश्वविद्यालय कैंपस में जीवांजलि विचारों से बदलाव तक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी ने विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और वहां मौजूद लोगों को सफल बनने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि सामने वाला क्या कर रहा है, बल्कि हमें यह सोचना चाहिए कि हम क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में लकी टी-शर्ट, पसंदीदा पेन या इस तरह की कोई चीज नहीं होती है।

परीक्षा में वहीं छात्र इन चीजों के बारे में सोचता है, जो ठीक से पढ़ाई किए बिना परीक्षा देने गया होता है। उन्होंने कहा कि आसानी से कुछ नहीं मिलता है, इसलिए मेहनत करो। मेहनत सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि अपने परिवार को भी अच्छी जिंदगी देने के लिए करो।

प्रश्न पूछे, लेकिन मर्यादा में रहकर
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी हर प्रश्न को पूछती है। हमें प्रश्न जरूर पूछने चाहिए, लेकिन प्रश्न पूछने के दौरान मर्यादा का भी ध्यान रखना चाहिए। कभी दूसरों को गलत साबित करने के लिए प्रश्न नहीं पूछना चाहिए। उन्होंने अर्जुन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब अर्जुन ने श्रीकृष्ण से प्रश्न पूछे, तभी गीता का उद्भव हुआ। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से सारे प्रश्नों का जवाब दिया।
मानसिक हार कभी न माने, जो सोचा है जरूर करें
जया किशोरी ने पतली सी रस्सी में बंधे हाथी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस रस्सी को हाथी तोड़ सकता है। लेकिन वह मानसिक हार मान चुका होता है। क्योंकि जब हाथी छोटा होता है, तब वह उस रस्सी को तोड़ नहीं पाता। बड़े होने पर वह समर्थ होने के बाद भी यही सोचना है कि वह उसे नहीं तोड़ पाएगा और बंधा रहता है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे जो काम हम करने की सोचते हैं, उन्हें जरूर करना चाहिए। क्योंकि यह हमारे मन से असफलता के डर को दूर करते हैं।
भक्ति का कोई रूप नहीं होता
जया किशोरी ने कहा कि भक्ति का कोई रूप नहीं होता। आप जिस तरीके से ईश्वर की पूजा करना चाहते हैं, वैसे करिए। आपको किसी से सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सबरी, सुदामा, मीरा और नर्सी भगत का उदाहरण देते हुए कहा कि सभी ने ईश्वर को अपने तरीके से पूजा और सभी को ईश्वर प्राप्त हुए।
युवाओं को सफलता के लिए दिए यह टिप्स
-समय की हमेशा वैल्यू करनी चाहिए। जो दोस्त या सहयोगी आपके समय की कद्र न करे, उससे तत्काल संपर्क खत्म कर देना चाहिए।
-हर प्रसिद्ध व्यक्ति सफल नहीं होता है, लेकिन हर सफल व्यक्ति प्रसिद्ध जरूर हो सकता है।
-हर व्यक्ति को दूसरों की बातें जरूर सुननी चाहिए। इसके बाद इस बात के बारे में चिंतन करना चाहिए। इसके बाद ही इसे अपने जीवन में उतारना चाहिए।
-जो बात हम दूसरों से कर रहे हैं, उसे अपने जीवन में जरूर उतारना चाहिए।
-हर दिन 10-15 मिनट ध्यान, योग, जप या आध्यात्म से जुड़ी जिस चीज में रुचि है वह जरूर करना चाहिए।
-भक्ति से हमारे काम नहीं होते, बल्कि भक्ति से काम करने की क्षमता मिलती है।
-कोई भी काम करें तो उसे ईश्वर को समर्पित करके करें, इससे गलत काम करने से बचा जा सकता है।
काली कमली वाला मेरा यार है
जया किशोरी ने कार्यक्रम का समापन श्रीकृष्ण के भजन से किया। उन्होंने पहले युवाओं के प्रश्नों का जवाब दिया। इसी बीच एक युवा ने उनसे भजन गाने की बात कही। जिसके बाद उन्होंने ””काली कमली वाला मेरा यार है”” भजन गाकर दर्शकों की मांग पूरी करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

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